सूरह 32 · जुज़ 21
As-Sajdah · 32:3
أَمْ يَقُولُونَ افْتَرَاهُ ۚ بَلْ هُوَ الْحَقُّ مِنْ رَبِّكَ لِتُنْذِرَ قَوْمًا مَا أَتَاهُمْ مِنْ نَذِيرٍ مِنْ قَبْلِكَ لَعَلَّهُمْ يَهْتَدُونَ
क्या वे कहते हैं कि इसे, इसने घड़ लिया है? बल्कि ये सत्य है आपके पालनहार की ओर से, ताकि आप सावधान करें उन लोगों को, जिन[1] के पास नहीं आया है कोई सावधान करने वाला आपसे पहले। संभव है वे सीधी राह पर आ जायें।
____________________
1. इस से अभिप्राय मक्का वासी हैं।
____________________
1. इस से अभिप्राय मक्का वासी हैं।
तफ़सीर
ये काफ़िर लोग कहते हैं : मुहम्मद ने इसे अपने पालनहार पर गढ़ लिया है। मामला ऐसा नहीं है जैसा उन्होंने कहा है। बल्कि वह सत्य है, जिसमें कोई संदेह नहीं है, वह (ऐ रसूल) आपके ऊपर आपके पालनहार की ओर से उतारा गया है, ताकि आप उन लोगों को डराएँ, जिनके पास आपसे पहले कोई रसूल नहीं आया, जो उन्हें अल्लाह की यातना से डराता। ताकि वे सत्य के मार्ग पर जाएँ, और उसका पालन करें और उसके अनुसार कार्य करें।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें