सूरह 32 · जुज़ 21
As-Sajdah · 32:14
فَذُوقُوا بِمَا نَسِيتُمْ لِقَاءَ يَوْمِكُمْ هَٰذَا إِنَّا نَسِينَاكُمْ ۖ وَذُوقُوا عَذَابَ الْخُلْدِ بِمَا كُنْتُمْ تَعْمَلُونَ
तो चखो, अपने भूल जाने के कारण अपने इस दिन के मिलने को, हमने (भी) तुम्हें भुला दिया[1] है। चखो, सदा की यातना उसके बदले, जो तुम कर रहे थे।
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1. अर्थात आज तुम पर मेरी कोई दया नहीं होगी।
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1. अर्थात आज तुम पर मेरी कोई दया नहीं होगी।
तफ़सीर
क़ियामत के दिन उन्हें डाँटते और फटकारते हुए कहा जाएगा : (अब) अपने हिसाब के लिए क़ियामत के दिन अल्लाह से मिलने से सांसारिक जीवन में अपनी लापरवाही के कारण यातना का स्वाद चखो। हमने तुम्हें यातना में छोड़ दिया है, उससे जो तुम पीड़ा झेल रहे हो उसकी हमें कोई परवाह नहीं है। तथा दुनिया में तुम जो पाप किया करते थे, उसके कारण आग की निरंतर यातना चखो, जो कभी समाप्त नहीं होगी।
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