सूरह 32 · जुज़ 21
As-Sajdah · 32:11
۞ قُلْ يَتَوَفَّاكُمْ مَلَكُ الْمَوْتِ الَّذِي وُكِّلَ بِكُمْ ثُمَّ إِلَىٰ رَبِّكُمْ تُرْجَعُونَ
आप कह दें कि तुम्हारा प्राण निकाल लेगा मौत का फ़रिश्ता, जो तुमपर नियुक्त किया गया है, फिर अपने पालनहार की ओर फेर दिये जाओगे।[1]
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1. अर्थात नई उत्पत्ति पर आश्चर्य करने से पहले इस पर विचार करो कि मरण तो आत्मा के शरीर से विलग हो जाने का नाम है जो दूसरे स्थान पर चली जाती है। और परलोक में उसे नया जन्म दे दिया जायेगा फिर उसे अपने कर्म के अनुसार स्वर्ग अथवा नरक में पहुँचा दिया जायेगा।
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1. अर्थात नई उत्पत्ति पर आश्चर्य करने से पहले इस पर विचार करो कि मरण तो आत्मा के शरीर से विलग हो जाने का नाम है जो दूसरे स्थान पर चली जाती है। और परलोक में उसे नया जन्म दे दिया जायेगा फिर उसे अपने कर्म के अनुसार स्वर्ग अथवा नरक में पहुँचा दिया जायेगा।
तफ़सीर
(ऐ रसूल) मरणोपरांत दोबारा जीवित होकर उठने का इनकार करने वाले इन बहुदेववादियों से कह दें : तुम्हें मौत का फरिश्ता मौत देगा, जिसे अल्लाह ने तुम्हारे प्राण निकालने के लिए अधिकृत किया है। फिर क़ियामत के दिन तुम अकेले हमारे ही पास हिसाब और बदला के लिए लौटाए जाओगे।
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