सूरह 31 · जुज़ 21

Luqman · 31:19

وَاقْصِدْ فِي مَشْيِكَ وَاغْضُضْ مِنْ صَوْتِكَ ۚ إِنَّ أَنْكَرَ الْأَصْوَاتِ لَصَوْتُ الْحَمِيرِ

और संतुलन रख अपनी चाल[1] में तथा धीमी रख अपनी आवाज़, वास्तव में, सबसे बुरी आवाज़ गधे की आवाज़ है।
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1. (देखियेः सूरह फ़ुर्क़ान, आयतः63)

तफ़सीर

अपनी चाल में बहुत तेज़ चलने और धीरे-धीरे चलने के बीच ऐसी मध्यम चाल अपनाओ, जिससे संजीदगी का पता चले। तथा अपनी आवाज़ कुछ नीची रखो। इतनी ऊँची न करो कि दूसरों को कष्ट हो। सबसे बुरी आवाज़ गधों की आवाज़ है, क्योंकि उनकी आवाजें ऊँची होती हैं।

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