सूरह 30 · जुज़ 21
Ar-Rum · 30:55
وَيَوْمَ تَقُومُ السَّاعَةُ يُقْسِمُ الْمُجْرِمُونَ مَا لَبِثُوا غَيْرَ سَاعَةٍ ۚ كَذَٰلِكَ كَانُوا يُؤْفَكُونَ
और जिस दिन व्याप्त होगी प्रलय, तो शपथ लेंगे अपराधी कि वे नहीं रहे क्षणभर[1] के सिवा और इसी प्रकार, वे बहकते रहे।
____________________
1. अर्थात संसार में।
____________________
1. अर्थात संसार में।
तफ़सीर
क़ियामत के दिन अपराधी कसमें खाकर कहेंगे कि वे अपनी कब्रों में एक घड़ी से अधिक नहीं ठहरे। जिस तरह वे यह जानने से विचलित कर दिए गए कि वे अपनी क़ब्रों में कितना ठहरे, उसी तरह वे दुनिया में सत्य से फेर दिए जाते थे।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें