सूरह 30 · जुज़ 21

Ar-Rum · 30:50

فَانْظُرْ إِلَىٰ آثَارِ رَحْمَتِ اللَّهِ كَيْفَ يُحْيِي الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا ۚ إِنَّ ذَٰلِكَ لَمُحْيِي الْمَوْتَىٰ ۖ وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ

तो देखो अल्लाह की दया के लक्षणों को, वह कैसे जीवित करता है धरती को, उसके मरण के पश्चात्, निश्चय वही जीवित करने वाला है मुर्दों को तथा वह सब कुछ कर सकता है।

तफ़सीर

अतः (ऐ रसूल) आप उस बारिश के प्रभावों को देखें, जिसे अल्लाह अपने बंदों के लिए दया के रूप में उतारता है कि अल्लाह किस तरह धरती को, उसके सूख जाने के बाद उसपर तरह-तरह के पौधे उगाकर, पुनर्जीवित कर देता है। निःसंदेह जिसने उस सूखी भूमि को पुनर्जीवित कर दिया, निश्चय वही मरे हुए लोगों को जीवित करके उठाने वाला है। और वह सब कुछ करने में सक्षम है, कोई चीज़ उसे विवश नहीं कर सकती।

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