सूरह 30 · जुज़ 21

Ar-Rum · 30:19

يُخْرِجُ الْحَيَّ مِنَ الْمَيِّتِ وَيُخْرِجُ الْمَيِّتَ مِنَ الْحَيِّ وَيُحْيِي الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا ۚ وَكَذَٰلِكَ تُخْرَجُونَ

वह निकालता है[1] जीवित से निर्जीव को तथा निकालता है निर्जीव से जीव को और जीवित कर देता है धरती को, उसके मरण (सूखने) के पश्चात् और इसी प्रकार, तुम (भी) निकाले जाओगे।
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1. यहाँ से यह बताया जा रहा है कि प्रलय हो कर परलोक में सब को पुनः जीवित किया जाना संभव है और उस का प्रमाण दिया जा रहा है। इसी के साथ यह भी बताया जा रहा है कि इस विश्व का स्वामी और व्यवस्थापक अल्लाह ही है, अतः पूज्य भी केवल वही है।

तफ़सीर

वह जीवित को मृत से निकालता है, जैसे इनसान को नुत्फ़ा (शुक्राणु) से निकालता है और चूज़े को अंडे से निकालता है। और मृत को जीवित से निकालता है, जैसे नुत्फ़ा (शुक्राणु) को इनसान से और अंडे को मुर्गी से निकालता है। और धरती को उसके सूखने के बाद बारिश उतारकर और उसे अंकुरित करके पुनर्जीवित करता है। तथा धरती को उसे अंकुरित करके पुनर्जीवित करने की तरह, तुम अपनी क़ब्रों से हिसाब और बदले के लिए निकाले जाओगे।

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