सूरह 30 · जुज़ 21
Ar-Rum · 30:11
اللَّهُ يَبْدَأُ الْخَلْقَ ثُمَّ يُعِيدُهُ ثُمَّ إِلَيْهِ تُرْجَعُونَ
अल्लाह ही उत्पत्ति का आरंभ करता है, फिर उसे दुहरायेगा तथा उसी की ओर, तुम फेरे[1] जाओगे।
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1. अर्थात प्रलय के दिन अपने संसारिक अच्छे-बुरे कामों का प्रतिकार पाने के लिये।
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1. अर्थात प्रलय के दिन अपने संसारिक अच्छे-बुरे कामों का प्रतिकार पाने के लिये।
तफ़सीर
अल्लाह ही बिना किसी पूर्व उदाहरण के सृष्टि का आरंभ करता है। फिर उसे नष्ट कर देगा। फिर उसे वापस लौटाएगा। फिर तुम क़ियामत के दिन हिसाब और बदले के लिए उसी अकेले की ओर लौटाए जाओगे।
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