सूरह 3 · जुज़ 3
Ali 'Imran · 3:63
فَإِنْ تَوَلَّوْا فَإِنَّ اللَّهَ عَلِيمٌ بِالْمُفْسِدِينَ
फिर भी यदि वे मुँह[1] फेरें, तो निःसंदेह अल्लाह उपद्रवियों को भली-भाँति जानता है।
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1. अर्थात सत्य को जानने की इस विधि को स्वीकार न करें।
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1. अर्थात सत्य को जानने की इस विधि को स्वीकार न करें।
तफ़सीर
यदि वे उससे फिर जाएँ, जो आप लेकर आए हैं और वे आपके पीछे न चलें; तो यह उनकी भ्रष्टता (बिगाड़) के कारण है, और अल्लाह धरती पर बिगाड़ करने वालों को खूब जानने वाला है और वह उन्हें उसका बदला देगा।
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