सूरह 3 · जुज़ 3

Ali 'Imran · 3:55

إِذْ قَالَ اللَّهُ يَا عِيسَىٰ إِنِّي مُتَوَفِّيكَ وَرَافِعُكَ إِلَيَّ وَمُطَهِّرُكَ مِنَ الَّذِينَ كَفَرُوا وَجَاعِلُ الَّذِينَ اتَّبَعُوكَ فَوْقَ الَّذِينَ كَفَرُوا إِلَىٰ يَوْمِ الْقِيَامَةِ ۖ ثُمَّ إِلَيَّ مَرْجِعُكُمْ فَأَحْكُمُ بَيْنَكُمْ فِيمَا كُنْتُمْ فِيهِ تَخْتَلِفُونَ

जब अल्लाह ने कहाः हे ईसा! मैं तुझे पूर्णतः लेने वाला तथा अपनी ओर उठाने वाला हूँ तथा तुझे काफ़िरों से पवित्र (मुक्त) करने वाला हूँ तथा तेरे अनुयायियों को प्रलय के दिन तक काफ़िरों के ऊपर[1] करने वाला हूँ। फिर तुम्हारा लौटना मेरी ही ओर है। तो मैं तुम्हारे बीच उस विषय में निर्णय कर दूँगा, जिसमें तुम विभेद कर रहे हो।
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1. अर्थात यहूदियों तथा मुश्रिकों के ऊपर।

तफ़सीर

अल्लाह ने उनके विरुद्ध उस समय भी योजना बनाई, जब उसने ईसा अलैहिस्सलाम को संबोधित करते हुए कहा : ऐ ईसा! मैं तुम्हें मृत्यु के बिना क़ब्ज़ कर लूँगा, और तुम्हारे शरीर और आत्मा को अपने पास उठा लूँगा, तथा तुम्हें उन लोगों की गंदगी से शुद्ध और उनसे दूर कर दूँगा, जिन्होंने तुम्हारे साथ कुफ़्र किया और उन लोगों को जिन्होंने सच्चे धर्म पर तुम्हारा अनुसरण किया - जिसमें मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर ईमान लाना भी शामिल है - प्रमाण और प्रभुत्व एवं गौरव के साथ क़ियामत के दिन तक उन लोगों के ऊपर कर दूँगा, जिन्होंने तुम्हारा इनकार किया। फिर तुम्हें क़ियामत के दिन मेरी ही ओर लौटकर आना है। तो मैं तुम्हारे बीच सच्चाई के साथ उस चीज़ के बारे में फैसला करूँगा, जिसमें तुम मतभेद किया करते थे।

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