सूरह 3 · जुज़ 3
Ali 'Imran · 3:40
قَالَ رَبِّ أَنَّىٰ يَكُونُ لِي غُلَامٌ وَقَدْ بَلَغَنِيَ الْكِبَرُ وَامْرَأَتِي عَاقِرٌ ۖ قَالَ كَذَٰلِكَ اللَّهُ يَفْعَلُ مَا يَشَاءُ
उसने कहाः मेरे पालनहार! मेरे कोई पुत्र कहाँ से होगा, जबकि मैं बूढ़ा हो गया हूँ और मेरी पत्नी बाँझ[1] है? उसने कहाः अल्लाह इसी प्रकार जो चाहता है, कर देता है।
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1. यह प्रश्न ज़करिया ने प्रसन्न हो कर आश्चर्य से किया।
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1. यह प्रश्न ज़करिया ने प्रसन्न हो कर आश्चर्य से किया।
तफ़सीर
जब फरिश्तों ने ज़करिय्या को यह़्या की ख़ुशख़बरी दी, तो उन्होंने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरे हाँ लड़का कैसे हो सकता है, जबकि मैं बूढ़ा हो चुका हूँ और मेरी पत्नी बाँझ है, उसके बच्चे नहीं होते?! तो अल्लाह ने उसे उत्तर देते हुए फरमाया : तुम्हारे बुढ़ापे और तुम्हारी पत्नी के बाँझपन के बावजूद, यह़या को पैदा करने का उदाहरण; अल्लाह के सामान्य नियम के विपरीत अन्य चीज़ों को पैदा करने की तरह है। क्योंकि अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है। वह अपनी हिकमत तथा ज्ञान के अनुसार जो चाहता है, करता है।
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