सूरह 3 · जुज़ 3
Ali 'Imran · 3:32
قُلْ أَطِيعُوا اللَّهَ وَالرَّسُولَ ۖ فَإِنْ تَوَلَّوْا فَإِنَّ اللَّهَ لَا يُحِبُّ الْكَافِرِينَ
(हे नबी!) कह दोः अल्लाह और रसूल की आज्ञा का अनुपालन करो। फिर भी यदि वे विमुख हों, तो निःसंदेह अल्लाह काफ़िरों से प्रेम नहीं करता।
तफ़सीर
(ऐ रसूल!) आप कह दें : आदेशों को क्रियान्वित करके और निषेधों से बचकर अल्लाह की आज्ञा का पालन करो और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करो। यदि वे इससे मुँह फेर लें, तो निःसंदेह अल्लाह उन काफ़िरों को पसंद नहीं करता जो उसकी आज्ञा और उसके रसूल के आदेश का विरोध करने वाले हैं।
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