सूरह 3 · जुज़ 4
Ali 'Imran · 3:197
مَتَاعٌ قَلِيلٌ ثُمَّ مَأْوَاهُمْ جَهَنَّمُ ۚ وَبِئْسَ الْمِهَادُ
ये तनिक लाभ[1] है, फिर उनका स्थान नरक है और वह क्या ही बुरा आवास है!
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1. अर्थात सामयिक संसारिक आनंद है।
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1. अर्थात सामयिक संसारिक आनंद है।
तफ़सीर
यह दुनिया दरअसल थोड़ी सी सुख-सामग्री है, जिसे स्थायित्व प्राप्त नहीं है। फिर उसके बाद उनका ठिकाना जहाँ वे क़यामत के दिन लौटकर जाएँगे : जहन्नम है। और आग उनके लिए बहुत बुरा ठिकाना है।
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