सूरह 3 · जुज़ 4
Ali 'Imran · 3:177
إِنَّ الَّذِينَ اشْتَرَوُا الْكُفْرَ بِالْإِيمَانِ لَنْ يَضُرُّوا اللَّهَ شَيْئًا وَلَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌ
वस्तुतः जिन्होंने ईमान के बदले कुफ़्र खरीद लिया, वे अल्लाह को कोई हानि नहीं पहुँचा सकेंगे तथा उन्हीं के दुःखदायी यातना है।
तफ़सीर
वास्तव में, जिन लोगों ने ईमान के बदले कुफ्र का सौदा किया, वे अल्लाह को कुछ भी नुकसान नहीं पहुँचा सकते। बल्कि वे खुद को नुकसान पहुँचाएंगे। और आख़िरत में उनके लिए दर्दनाक यातना है।
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