सूरह 3 · जुज़ 3
Ali 'Imran · 3:17
الصَّابِرِينَ وَالصَّادِقِينَ وَالْقَانِتِينَ وَالْمُنْفِقِينَ وَالْمُسْتَغْفِرِينَ بِالْأَسْحَارِ
जो सहनशील हैं, सत्यवादी हैं, आज्ञाकारी हैं, दानशील तथा भोरों में अल्लाह से क्षमा याचना करने वाले हैं।
तफ़सीर
जो आज्ञाकारिता के काम करने और बुरे कामों को त्यागने, तथा उनपर आने वाली विपत्तियों पर धैर्य रखने वाले हैं, तथा वे अपने कथनों और कार्यों में सच्चे हैं, और वे पूरी तरह से अल्लाह के आज्ञाकारी हैं, और वे अल्लाह की राह में अपना धन खर्च करने वाले हैं, तथा वे रात की अंतिम घड़ियों में अल्लाह से क्षमा माँगने वाले हैं। क्योंकि उस समय दुआ स्वीकार होने की संभावना अधिक होती है और दिल व्यस्तताओं से खाली होता है।
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