सूरह 3 · जुज़ 4
Ali 'Imran · 3:161
وَمَا كَانَ لِنَبِيٍّ أَنْ يَغُلَّ ۚ وَمَنْ يَغْلُلْ يَأْتِ بِمَا غَلَّ يَوْمَ الْقِيَامَةِ ۚ ثُمَّ تُوَفَّىٰ كُلُّ نَفْسٍ مَا كَسَبَتْ وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ
किसी नबी के लिए योग्य नहीं कि अपभोग[1] करे और जो अपभोग करेगा, प्रलय के दिन उसे लायेगा। फिर प्रत्येक प्राणी को, उसकी कमाई का भरपूर प्रतिकार (बदला) दिया जायेगा तथा उनपर अत्याचार नहीं किया जायेगा।
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1. उह़ुद के दिन जो अपना स्थान छोड़ कर इस विचार से आ गये कि यदि हम न पहुँचे, तो दूसरे लोग ग़नीमत का सब धन ले जायेंगे, उन्हें यह चेतावनी दी जा रही है कि तुमने यह कैसे सोच लिया कि इस धन में से तुम्हारा भाग नहीं मिलेगा, क्या तुम्हें नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की अमानत पर भरोसा नहीं है? सुन लो! नबी से किसी प्रकार का अपभोग असम्भव है। यह घोर पाप है जो कोई नबी कभी नहीं कर सकता।
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1. उह़ुद के दिन जो अपना स्थान छोड़ कर इस विचार से आ गये कि यदि हम न पहुँचे, तो दूसरे लोग ग़नीमत का सब धन ले जायेंगे, उन्हें यह चेतावनी दी जा रही है कि तुमने यह कैसे सोच लिया कि इस धन में से तुम्हारा भाग नहीं मिलेगा, क्या तुम्हें नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की अमानत पर भरोसा नहीं है? सुन लो! नबी से किसी प्रकार का अपभोग असम्भव है। यह घोर पाप है जो कोई नबी कभी नहीं कर सकता।
तफ़सीर
किसी नबी के लिए यह संभव नहीं है कि अल्लाह ने उसके लिए जो कुछ विशिष्ट कर दिया है उसके अलावा ग़नीमत के धन में से कुछ लेकर ख़यानत करे। और तुम में से जो कोई ग़नीमत के धन में से कुछ लेकर ख़यानत करेगा, उसे क़ियामत के दिन अपमानित करके दंडित किया जाएगा। चुनाँचे वह ख़यानत की हुई चीज़ को उठाए हुए सभी लोगों के सामने आएगा। फिर प्रत्येक प्राणी को उसके किए हुए का बिना कमी के पूरा-पूरा बदला दिया जाएगा। तथा उनके बुरे कर्मों को बढ़ाकर, या उनके अच्छे कामों को कम करके उनपर अत्याचार नहीं किया जाएगा।
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