सूरह 3 · जुज़ 4

Ali 'Imran · 3:137

قَدْ خَلَتْ مِنْ قَبْلِكُمْ سُنَنٌ فَسِيرُوا فِي الْأَرْضِ فَانْظُرُوا كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الْمُكَذِّبِينَ

तुमसे पहले भी इसी प्रकार हो चुका[1] है। तुम धरती में फिरो और देखो कि झुठलाने वालों का परिणाम कैसा रहा?
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1. उहुद की पराजय पर मुसलमानों को दिलासा दी जा रही है जिस में उन के 70 व्यक्ति मारे गये। (तफ़्सीर इब्ने कसीर)

तफ़सीर

जब उहुद के दिन मोमिनों को उनपर उतरने वाली विपदा के द्वारा आज़माया गया, तो अल्लाह ने उन्हें सांत्वना देते हुए फ़रमाया : तुमसे पूर्व भी काफिरों के विनाश किए जाने तथा मोमिनों की परीक्षा के पश्चात उन का अंत सुमंगल होने के कई ईश्वरीय परंपराएं गुज़र चुकी हैं। अतः तुम धरती में चलो-फिरो और सीख प्राप्त करते हुए देखो कि अल्लाह और उसके रसूल को झुठलाने वालों का अंत कैसे हुआ। उनके घर उजड़ गए और उनका राज्य समाप्त हो गया।

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