सूरह 3 · जुज़ 4
Ali 'Imran · 3:127
لِيَقْطَعَ طَرَفًا مِنَ الَّذِينَ كَفَرُوا أَوْ يَكْبِتَهُمْ فَيَنْقَلِبُوا خَائِبِينَ
ताकि[1] वह काफ़िरों का एक भाग काट दे अथवा उन्हें अपमानित कर दे। फिर वे असफल वापस हो जायेँ।
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1. अर्थात अल्लाह तुम्हें फ़रिश्तों द्वारा समर्थन इस लिये देगा, ताकि काफ़िरों का कुछ बल तोड़ दे, और उन्हें निष्फल वापिस कर दे।
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1. अर्थात अल्लाह तुम्हें फ़रिश्तों द्वारा समर्थन इस लिये देगा, ताकि काफ़िरों का कुछ बल तोड़ दे, और उन्हें निष्फल वापिस कर दे।
तफ़सीर
यह मदद (जीत) जो तुम्हें बद्र की लड़ाई में प्राप्त हुई है, उससे अल्लाह का उद्देश्य यह था कि काफ़िरों के एक समूह को हत्या कर नष्ट कर दे और दूसरे समूह को अपमानित कर दे तथा उनकी पराजय से उन्हें क्रोधित कर दे, फिर वे विफलता और अपमान के साथ लौटें।
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