सूरह 3 · जुज़ 4

Ali 'Imran · 3:125

بَلَىٰ ۚ إِنْ تَصْبِرُوا وَتَتَّقُوا وَيَأْتُوكُمْ مِنْ فَوْرِهِمْ هَٰذَا يُمْدِدْكُمْ رَبُّكُمْ بِخَمْسَةِ آلَافٍ مِنَ الْمَلَائِكَةِ مُسَوِّمِينَ

क्यों[1] नहीं? यदि तुम सहन करोगे, आज्ञाकारी रहोगे और वे (शत्रु) तुम्हारे पास अपनी उत्तेजना के साथ आ गये, तो तुम्हारा पालनहार तुम्हें (तीन नहीं,) पाँच हज़ार चिन्ह[2] लगे फ़रिश्तों द्वारा समर्थन देगा।
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1. अर्थात इतना समर्थन बहुत है। 2. अर्थात उन पर तथा उन के घोड़ों पर चिन्ह लगे होंगे।

तफ़सीर

हाँ (क्यों नहीं), तुम्हारे लिए इतना ही काफी है। जबकि तुम्हारे लिए अल्लाह की ओर से एक अन्य मदद की शुभ सूचना है : यदि तुम लड़ाई में धैर्य से काम लो और अल्लाह से डरते रहो, और तुम्हारे दुश्मनों को त्वरित मदद मिल जाए और वे तुमपर चढ़ दौड़ें, यदि ऐसा होता है, तो तुम्हरा पालनहार पाँच हज़ार फरिश्तों के द्वारा तुम्हारी सहायता करेगा, जो स्वयं को और अपने घोड़ों को स्पष्ट निशान के साथ चिह्नित किए होंगे।

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