सूरह 3 · जुज़ 3

Ali 'Imran · 3:11

كَدَأْبِ آلِ فِرْعَوْنَ وَالَّذِينَ مِنْ قَبْلِهِمْ ۚ كَذَّبُوا بِآيَاتِنَا فَأَخَذَهُمُ اللَّهُ بِذُنُوبِهِمْ ۗ وَاللَّهُ شَدِيدُ الْعِقَابِ

जैसे फ़िरऔनियों तथा उनके पहले लोगों की दशा हुई, उन्होंने हमारी निशानियों को मिथ्या कहा, तो अल्लाह ने उनके पापों के कारण उनको धर लिया तथा अल्लाह कड़ा दण्ड देने वाला है।

तफ़सीर

इन काफिरों की स्थिति फ़िरऔन के लोगों और उनसे पहले के लोगों की तरह है, जिन्होंने अल्लाह का इनकार किया और उसकी आयतों (निशानियों) को झुठलाया था। तो अल्लाह ने उन्हें उनके पापों के कारण दंडित किया और उनके धन और उनकी औलाद ने उन्हें कोई लाभ नहीं पहुँचाया। और अल्लाह उसे कठोर सज़ा देने वाला है, जिसने उसका इनकार किया और उसकी आयतों (निशानियों) को झुठलाया।

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