सूरह 3 · जुज़ 4
Ali 'Imran · 3:100
يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا إِنْ تُطِيعُوا فَرِيقًا مِنَ الَّذِينَ أُوتُوا الْكِتَابَ يَرُدُّوكُمْ بَعْدَ إِيمَانِكُمْ كَافِرِينَ
हे ईमान वालो! यदि तुम अह्ले किताब के किसी गिरोह की बात मानोगे, तो वह तुम्हारे ईमान के पश्चात् फिर तुम्हें काफ़िर बना देंगे।
तफ़सीर
ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! यदि तुम किताब वाले यहूदियों और ईसाइयों के किसी समूह का उनकी बातों में पालन करोगे और उनकी राय को स्वीकार करोगे जो वे दावा करते हैं; तो वे अपनी ईर्ष्या और मार्गदर्शन से पथभ्रष्टता के कारण, तुम्हें ईमान (विश्वास) के बाद कुफ़्र (अविश्वास) की ओर लौटा देंगे।
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