सूरह 29 · जुज़ 21

Al-'Ankabut · 29:62

اللَّهُ يَبْسُطُ الرِّزْقَ لِمَنْ يَشَاءُ مِنْ عِبَادِهِ وَيَقْدِرُ لَهُ ۚ إِنَّ اللَّهَ بِكُلِّ شَيْءٍ عَلِيمٌ

अल्लाह ही फैलाता है जीविका को जिसके लिए चाहता है अपने भक्तों में से और नापकर देता है उसके लिए। वास्तव में, अल्लाह प्रत्येक वस्तु का अति ज्ञानी है।

तफ़सीर

अल्लाह अपने बंदों में से जिसपर चाहता है जीविका का विस्तार कर देता है और जिसपर चाहता है जीविका तंग कर देता है; वह ऐसा किसी हिकमत के तहत करता है जिसे वही जानता है। निःसंदेह अल्लाह हर चीज़ को अच्छी तरह जानने वाला है। उससे कोई चीज़ छिपी नहीं है। इसलिए उसके बंदों के लिए उपयुक्त कोई भी उपाय उससे गुप्त नहीं है।

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