सूरह 29 · जुज़ 21
Al-'Ankabut · 29:60
وَكَأَيِّنْ مِنْ دَابَّةٍ لَا تَحْمِلُ رِزْقَهَا اللَّهُ يَرْزُقُهَا وَإِيَّاكُمْ ۚ وَهُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ
कितने ही जीव हैं, जो नहीं लादे फिरते[1] अपनी जीविका, अल्लाह ही उन्हें जीविका प्रदान करता है तथा तुम्हें! और वह सब कुछ सुनने-जनने वाला है।
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1. ह़दीस में है कि यदि तुम अल्लाह पर पूरा भरोसा करो तो तुम्हें पक्षी के समान जीविका देगा जो सवेरे भूखा जाते हैं और शाम को अघा कर आते हैं। (तिर्मिज़ीः2344, यह ह़दीस ह़सन सह़ीह़ है।)
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1. ह़दीस में है कि यदि तुम अल्लाह पर पूरा भरोसा करो तो तुम्हें पक्षी के समान जीविका देगा जो सवेरे भूखा जाते हैं और शाम को अघा कर आते हैं। (तिर्मिज़ीः2344, यह ह़दीस ह़सन सह़ीह़ है।)
तफ़सीर
धरती पर चलने वाले सभी जानवर - अपनी बहुतायत के बावजूद - जो अपनी रोज़ी एकत्र नहीं कर सकते और न ही उसे उठा सकते हैं, अल्लाह उन्हें जीविका प्रदान करता है और तुम्हें भी जीविका प्रदान करता है। इसलिए तुम्हारे लिए भूख के डर से हिजरत छोड़ने के लिए कोई बहाना नहीं है। वह तुम्हारी बातों को सुनने वाला, तुम्हारे इरादों और कार्यों को जानने वाला है। उससे कुछ भी छिपा नहीं है और वह तुम्हें उसका बदला देगा।
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