सूरह 29 · जुज़ 20
Al-'Ankabut · 29:38
وَعَادًا وَثَمُودَ وَقَدْ تَبَيَّنَ لَكُمْ مِنْ مَسَاكِنِهِمْ ۖ وَزَيَّنَ لَهُمُ الشَّيْطَانُ أَعْمَالَهُمْ فَصَدَّهُمْ عَنِ السَّبِيلِ وَكَانُوا مُسْتَبْصِرِينَ
तथा आद और समूद का (विनाश किया) और उजागर हैं तुम्हारे लिए उनके घरों के कुछ अवशेष और शोभनीय बना दिया शैतान ने उनके कर्मों को और रोक दिया उन्हें सुपथ से, जबकि वह समझ-बूझ रखते थे।
तफ़सीर
तथा हमने हूद अलैहिस्सलाम की जाति आद और सालेह अलैहिस्सलाम की जाति समूद को भी विनष्ट किया। और (ऐ मक्का वालो!) तुम्हारे लिए हिज्र तथा हज़रामौत के शिह्र नामी स्थान में उनके आवासों से यह स्पष्ट हो चुका है, जो तुम्हें उनके विनाश का संकेत देता है। चुनाँचे उनके खाली आवास इस बात की गवाही देते हैं। तथा शैतान ने उनके कुफ़्र और अन्य पापों को जिनमें वे पड़े हुए थे, उनके लिए सुंदर बना दिया और उन्हें सीधे रास्ते से हटा दिया। हालाँकि उनके रसूलों के उन्हें सिखाने के कारण वे सत्य, पथभ्रष्टता, मार्गदर्शन तथा गुमराही की समझ रखने वाले थे। लेकिन उन्होंने मार्गदर्शन के पालन पर इच्छा के पालन को चुना।
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