सूरह 29 · जुज़ 20
Al-'Ankabut · 29:32
قَالَ إِنَّ فِيهَا لُوطًا ۚ قَالُوا نَحْنُ أَعْلَمُ بِمَنْ فِيهَا ۖ لَنُنَجِّيَنَّهُ وَأَهْلَهُ إِلَّا امْرَأَتَهُ كَانَتْ مِنَ الْغَابِرِينَ
इब्राहीम ने कहाः उसमें तो लूत है। उन्होंने कहाः हम भली-भाँति जानने वाले हैं, जो उसमें है। हम अवश्य बचा लेंगे उसे और उसके परिवार को, उसकी पत्नि के सिवा, वह पीछे रह जाने वालों में थी।
तफ़सीर
इबराहीम अलैहिस्सलाम ने फ़रिश्तों से कहा : इस बस्ती में, जिसके लोगों को तुम विनष्ट करना चाहते हो, लूत (भी) हैं और वह अत्याचारियों में से नहीं हैं। फ़रिश्तों ने कहा : हम उसे अधिक जानने वाले हैं, जो उसमें है। हम उन्हें और उनके परिवार को उस विनाश से अवश्य बचा लेंगे जो बस्ती के लोगों पर उतरने वाला है, सिवाय उनकी स्त्री के, जो विनाश होने वाले शेष लोगों में से है। अतः हम उसे (भी) उनके साथ नष्ट कर देंगे।
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