सूरह 29 · जुज़ 20

Al-'Ankabut · 29:29

أَئِنَّكُمْ لَتَأْتُونَ الرِّجَالَ وَتَقْطَعُونَ السَّبِيلَ وَتَأْتُونَ فِي نَادِيكُمُ الْمُنْكَرَ ۖ فَمَا كَانَ جَوَابَ قَوْمِهِ إِلَّا أَنْ قَالُوا ائْتِنَا بِعَذَابِ اللَّهِ إِنْ كُنْتَ مِنَ الصَّادِقِينَ

क्या तुम पुरुषों के पास जाते हो और डकैती करते हो तथा अपनी सभाओं में निर्लज्जा के कार्य करते हो? तो नहीं था उसकी जाति का उत्तर इसके अतिरिक्त कि उन्होंने कहाः तू ले आ हमारे पास अल्लाह की यातना, यदि तू सचों में से है।

तफ़सीर

क्या तुम अपनी कामवासना की पूर्ति के लिए पुरुषों की पिछली शर्मगाह में आते हो और यात्रियों का रास्ता रोकते हो, कि वे तुम्हारे द्वारा किए जाने वाले अनैतिक कृत्य के डर से तुम्हारे पास से नहीं गुज़रते हैं, तथा तुम अपनी सभाओं में नग्नता और अपने पास से गुज़रने वालों को वचन एवं कर्म द्वारा कष्ट पहुँचाने जैसे निंदनीय कार्य करते हो? तो लूत अलैहिस्सलाम के उन्हें बुराई करने से मना करने के बाद उनका उत्तर इसके सिवा कुछ नहीं था कि उन्होंने कहा : तुम हमपर अल्लाह की वह यातना ले आओ, जिसकी तुम हमें धमकी देते हो, यदि तुम अपने दावे में सच्चे हो।

पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें

आपकी भाषा में तफ़सीर

अरबी तफ़सीरें

अनुवाद

सुनें