सूरह 29 · जुज़ 20
Al-'Ankabut · 29:20
قُلْ سِيرُوا فِي الْأَرْضِ فَانْظُرُوا كَيْفَ بَدَأَ الْخَلْقَ ۚ ثُمَّ اللَّهُ يُنْشِئُ النَّشْأَةَ الْآخِرَةَ ۚ إِنَّ اللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
(हे नबी!) कह दें कि चलो-फिरो धरती में, फिर देखो कि उसने कैसे उतपत्ति का आरंभ किया है? फिर अल्लाह दूसरी बार भी उत्पन्न[1] करेगा, वास्तव में, अल्लाह जो चाहे, कर सकता है।
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1. अर्थात प्रलय के दिन कर्मों का प्रतिफल देने के लिये।
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1. अर्थात प्रलय के दिन कर्मों का प्रतिफल देने के लिये।
तफ़सीर
(ऐ रसूल!) आप मृत्यु के पश्चात पुनः जीवित कर उठाए जाने को झुठलाने वालों से कह दें : धरती में चलो-फिरो, फिर चिंतन करो कि अल्लाह ने किस प्रकार उत्पत्ति का आरंभ किया। फिर अल्लाह ही लोगों को उनकी मृत्यु के बाद ह़श्र के मैदान में एकत्र करने तथा हिसाब-किताब के लिए दूसरा जीवन प्रदान करेगा। निःसंदेह अल्लाह प्रत्येक वस्तु पर सर्वशक्तिमान है, उसे कोई भी वस्तु असमर्थ नहीं कर सकती। अतः वह लोगों को पुनः जीवित कर उठाने में असमर्थ नहीं हो सकता जिस प्रकार कि वह लोगों को पहली बार पैदा करने में असमर्थ नहीं हुआ।
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