सूरह 29 · जुज़ 20

Al-'Ankabut · 29:12

وَقَالَ الَّذِينَ كَفَرُوا لِلَّذِينَ آمَنُوا اتَّبِعُوا سَبِيلَنَا وَلْنَحْمِلْ خَطَايَاكُمْ وَمَا هُمْ بِحَامِلِينَ مِنْ خَطَايَاهُمْ مِنْ شَيْءٍ ۖ إِنَّهُمْ لَكَاذِبُونَ

और कहा काफ़िरों ने उनसे जो ईमान लाये हैं: अनुसरण करो हमारे पथ का और हम भार ले लेंगे तुम्हारे पापों का, जबकि वे भार लेने वाले नहीं हैं उनके पापों का कुछ भी, वास्तव में, वे झूठे हैं।

तफ़सीर

और काफ़िरों ने केवल एक अल्लाह पर ईमान लाने वालों से कहा : तुम हमारे धर्म और हमारे मार्ग पर चलो, और तुम्हारी ओर से तुम्हारे पापों को हम उठालेंगे, इसलिए तुम्हारे बजाय उनका बदला हम दिए जाएँगे। हालाँकि वे उनके पापों में से कुछ भी उठाने वाले नहीं हैं और निश्चय वे अपने इस कथन में झूठे हैं।

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