सूरह 24 · जुज़ 18
An-Nur · 24:7
وَالْخَامِسَةُ أَنَّ لَعْنَتَ اللَّهِ عَلَيْهِ إِنْ كَانَ مِنَ الْكَاذِبِينَ
और पाँचवीं बार ये (कहे) कि उसपर अल्लाह की धिक्कार है, यदि वह झूठा है।
तफ़सीर
फिर अपनी पाँचवीं गवाही में, वह खुद के अभिशाप (लानत) के योग्य होने की बददुआ करे, अगर वह उसपर आरोप लगाने में झूठा है।
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