सूरह 23 · जुज़ 18

Al-Mu'minun · 23:71

وَلَوِ اتَّبَعَ الْحَقُّ أَهْوَاءَهُمْ لَفَسَدَتِ السَّمَاوَاتُ وَالْأَرْضُ وَمَنْ فِيهِنَّ ۚ بَلْ أَتَيْنَاهُمْ بِذِكْرِهِمْ فَهُمْ عَنْ ذِكْرِهِمْ مُعْرِضُونَ

और यदि अनुसरण करने लगे सत्य उनकी मनमानी का, तो अस्त-व्यस्त हो जाये आकाश तथा धरती और जो उनके बीच है, बल्कि हमने दे दी है उन्हें उनकी शिक्षा, फिर (भी) वे अपनी शिक्षा से विमुख हो रहे हैं।

तफ़सीर

यदि अल्लाह चीज़ों का संचालन और उनका प्रबंध उनके मन की इच्छाओं के अनुसार करने लगे, तो आकाशों और धरती की व्यवस्था बिगड़ जाए और उनमें जो भी मौजूद हैं सब बिगाड़ के शिकार हो जाएँ। क्योंकि वे चीजों के परिणामों, तथा सही और भ्रष्ट उपाय (प्रबंधन) से अनजान हैं। बल्कि, हम उनके पास वह क़ुरआन लेकर आए हैं, जिसमें उनकी प्रतिष्ठा और सम्मान है, तो वे इससे मुँह मोड़ने वाले हैं।

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