सूरह 23 · जुज़ 18
Al-Mu'minun · 23:68
أَفَلَمْ يَدَّبَّرُوا الْقَوْلَ أَمْ جَاءَهُمْ مَا لَمْ يَأْتِ آبَاءَهُمُ الْأَوَّلِينَ
क्या उन्होंने इस कथन (क़ुर्आन) पर विचार नहीं किया अथवा इनके पास वह[1] आ गया, जो उनके पूर्वजों के पास नहीं आया?
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1. अर्थात् कुर्आन तथा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम आ गये। इस पर तो इन्हें अल्लाह का कृतज्ञ होना और इसे स्वीकार करना चाहिये।
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1. अर्थात् कुर्आन तथा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम आ गये। इस पर तो इन्हें अल्लाह का कृतज्ञ होना और इसे स्वीकार करना चाहिये।
तफ़सीर
क्या इन अनेकेश्वरवादियों ने अल्लाह के उतारे हुए क़ुरआन पर विचार नहीं किया कि उसप ईमान लाते और उसके अनुसार कार्य करते, या क्या उनके पास कोई ऐसी चीज़ आई है, जो उनसे पहले उनके पूर्वजों के पास नहीं आई, इसलिए वे इससे दूर हो गए और इसका इनकार कर दिया?!
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