सूरह 23 · जुज़ 18
Al-Mu'minun · 23:32
فَأَرْسَلْنَا فِيهِمْ رَسُولًا مِنْهُمْ أَنِ اعْبُدُوا اللَّهَ مَا لَكُمْ مِنْ إِلَٰهٍ غَيْرُهُ ۖ أَفَلَا تَتَّقُونَ
फिर हमने भेजा उनमें रसूल उन्हीं में से कि तुम इबादत (वंदना) करो अल्लाह की, तुम्हारा कोई ( सच्चा) पूज्य नहीं है उसके सिवा, तो क्या तुम डरते नहीं हो?
तफ़सीर
तो हमने उनके अंदर उन्हीं में से एक रसूल भेजा, ताकि उन्हें अल्लाह की ओर बुलाए। चुनाँचे उसने उनसे कहा : अकेले अल्लाह की इबादत करो। उस महिमावान के अलावा तुम्हारा कोई सत्य पूज्य नहीं। तो क्या तुम अल्लाह के निषेधों से बचकर और उसके आदेशों का पालन करके उससे नहीं डरते?
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