सूरह 23 · जुज़ 18
Al-Mu'minun · 23:3
وَالَّذِينَ هُمْ عَنِ اللَّغْوِ مُعْرِضُونَ
और जो व्यर्थ[1] से विमुख रहने वाले हैं।
____________________
1. अर्थात प्रत्येक व्यर्थ कार्य तथा कथन से। आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः जो अल्लाह और प्रलय के दिन पर ईमान रखता हो वह अच्छी बात बोले अन्यथा चुप रहे। (सह़ीह़ बुख़ारीः6019, मुस्लिमः 48)
____________________
1. अर्थात प्रत्येक व्यर्थ कार्य तथा कथन से। आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः जो अल्लाह और प्रलय के दिन पर ईमान रखता हो वह अच्छी बात बोले अन्यथा चुप रहे। (सह़ीह़ बुख़ारीः6019, मुस्लिमः 48)
तफ़सीर
जो व्यर्थ, निरर्थक और अवज्ञा की बातों और कामों से उपेक्षा करने वाले हैं।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें