सूरह 23 · जुज़ 18

Al-Mu'minun · 23:114

قَالَ إِنْ لَبِثْتُمْ إِلَّا قَلِيلًا ۖ لَوْ أَنَّكُمْ كُنْتُمْ تَعْلَمُونَ

वह कहेगाः तुम नहीं रहे, परन्तु बहुत कम। क्या ही अच्छा होता कि तुमने (पहले ही) जान लिया[1] होता।
____________________
1. आयत का भावार्थ यह है कि यदि तुम यह जानते कि परलोक का जीवन स्थायी है तथा संसार का अस्थायी तो आज तुम भी ईमान वालों के समान अल्लाह की आज्ञा का पालन कर के सफल हो जाते, और अवज्ञा तथा दुराचार न करते।

तफ़सीर

वह (अल्लाह) कहेगा : सचमुच तुम दुनिया में बहुत थोड़ा ठहरे हो, जिसके दौरान अल्लाह के आज्ञापालन पर सब्र करना आसान था। काश तुम (उस समय) अपने ठहरने की अवधि जानते होते।

पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें

आपकी भाषा में तफ़सीर

अरबी तफ़सीरें

अनुवाद

सुनें