सूरह 20 · जुज़ 16
Ta-Ha · 20:86
فَرَجَعَ مُوسَىٰ إِلَىٰ قَوْمِهِ غَضْبَانَ أَسِفًا ۚ قَالَ يَا قَوْمِ أَلَمْ يَعِدْكُمْ رَبُّكُمْ وَعْدًا حَسَنًا ۚ أَفَطَالَ عَلَيْكُمُ الْعَهْدُ أَمْ أَرَدْتُمْ أَنْ يَحِلَّ عَلَيْكُمْ غَضَبٌ مِنْ رَبِّكُمْ فَأَخْلَفْتُمْ مَوْعِدِي
तो मूसा वापस आया अपनी जाति की ओर अति क्रुध्द-शोकातुर होकर। उसने कहाः हे मेरी जाति के लोगो! क्या तुम्हें वचन नहीं दिया था तुम्हारे पालनहार ने एक अच्छा वचन[1]? तो क्या तुम्हें बहुत दिन लग[2] गये? अथवा तुमने चाहा कि उतर जाये कोई प्रकोप तुम्हारे पालनहार की ओर से? अतः तुमने मेरे वचन[3] को भंग कर दिया।
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1. अर्थात धर्म-पुस्तक तौरात देने का वचन। 2. अर्थात वचन की अवधि दीर्घ प्रतीत होने लगी। 3. अर्थात मेरे वापिस आने तक, अल्लाह की इबादत पर स्थिर रहने की जो प्रतिज्ञा की थी।
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1. अर्थात धर्म-पुस्तक तौरात देने का वचन। 2. अर्थात वचन की अवधि दीर्घ प्रतीत होने लगी। 3. अर्थात मेरे वापिस आने तक, अल्लाह की इबादत पर स्थिर रहने की जो प्रतिज्ञा की थी।
तफ़सीर
तब मूसा अलैहिस्सलाम अपनी क़ौम की ओर वापस आए, इस हाल में कि उनके बछड़ा पूजने के कारण क्रोध से भरे हुए और उनपर खेद में डूबे हुए थे। मूसा अलैहिस्सलाम ने कहा : ऐ मेरी क़ौम के लोगो! क्या अल्लाह ने तुमसे अच्छा वादा नहीं किया था कि वह तुमपर तौरात उतारेगा और तुम्हें जन्नत में दाखिल करेगा? क्या लंबा समय गुज़र जाने के कारण तुम उसे भूल गए होॽ अथवा तुम ऐसा करके यह चाहते थे कि तुमपर तुम्हारे रब की ओर से क्रोध उतरे और तुमपर उसकी यातना आ पड़े, इसलिए मेरे वापस आने तक आज्ञाकारिता पर दृढ़ रहने का मेरा वादा तोड़ दिया?!
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