सूरह 20 · जुज़ 16

My Lord, increase me in knowledge · Ta-Ha 20:114

فَتَعَالَى اللَّهُ الْمَلِكُ الْحَقُّ ۗ وَلَا تَعْجَلْ بِالْقُرْآنِ مِنْ قَبْلِ أَنْ يُقْضَىٰ إِلَيْكَ وَحْيُهُ ۖ وَقُلْ رَبِّ زِدْنِي عِلْمًا

अतः, उच्च है अल्लाह वास्तविक स्वामी और (हे नबी!) आप शीघ्रता[1] न करें क़ुर्आन के साथ इससे पूर्व कि पूरी कर दी जाये आपकी ओर इसकी वह़्यी (प्रकाशना) तथा प्रार्थना करें कि हे मेरे पालनहार! मुझे अधिक ज्ञान प्रदान कर।
____________________
1. जब जिब्रील अलैहिस्सलाम नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास वह़्यी (प्रकाशना) लाते, तो आप इस भय से कि कुछ भूल न जायें, उन के साथ-साथ ही पढ़ने लगते। अल्लाह ने आप को ऐसा करने से रोक दिया। इस का वर्णन सूरह क़ियामा, आयतः75 में आ रहा है।

तफ़सीर

अतः सर्वोच्च, बहुत पवित्र और गौरवशाली है अल्लाह, जो ऐसा बादशाह है, जिसके पास हर चीज़ का स्वामित्व है, जो सत्य है और उसकी बात सत्य है। वह उस चीज़ से सर्वोच्च है, जो अनेकेश्वरवादी उसके साथ जोड़ते हैं। तथा (ऐ रसूल!) जब तक जिबरील आपको क़ुरआन का कोई अंश पहुँचाने का काम पूरा न कर लें, आप उनके साथ क़ुरआन पढ़ने में जल्दी न करें तथा कहते रहें : ऐ मेरे पालनहार! तूने मुझे जो ज्ञान दिया है, उसके साथ और अधिक ज्ञान प्रदान कर।

पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें

आपकी भाषा में तफ़सीर

अरबी तफ़सीरें

अनुवाद

सुनें