सूरह 2 · जुज़ 1
Al-Baqarah · 2:2
ذَٰلِكَ الْكِتَابُ لَا رَيْبَ ۛ فِيهِ ۛ هُدًى لِلْمُتَّقِينَ
ये पुस्तक है, जिसमें कोई संशय (संदेह) नहीं, उन्हें सीधी डगर दिखाने के लिए है, जो (अल्लाह से) डरते हैं।
तफ़सीर
इस महान क़ुरआन में कोई संदेह नहीं। न इसके अल्लाह की ओर से उतरने के संदर्भ में, और न ही इसके शब्द और अर्थ के संदर्भ में। चुनाँचे यह क़ुरआन अल्लाह की वाणी है, जो परहेज़गारों का अल्लाह तक पहुँचाने वाले रास्ते का मार्गदर्शन करता है।
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