सूरह 2 · जुज़ 2
Al-Baqarah · 2:175
أُولَٰئِكَ الَّذِينَ اشْتَرَوُا الضَّلَالَةَ بِالْهُدَىٰ وَالْعَذَابَ بِالْمَغْفِرَةِ ۚ فَمَا أَصْبَرَهُمْ عَلَى النَّارِ
यही वे लोग हैं, जिन्होंने सुपथ (मार्गदर्शन) के बदले कुपथ खरीद लिया है तथा क्षमा के बदले यातना। तो नरक की अग्नि पर वे कितने सहनशील हैं?
तफ़सीर
जिन लोगों की विशेषता उस ज्ञान को छिपाना है जिसकी लोगों को आवश्यकता होती है, वही लोग हैं, जिन्होंने सच्चे ज्ञान को छिपाने के कारण हिदायत के बदले गुमराही और अल्लाह की क्षमा के बदले उसकी यातना को अपना लिया। तो ये लोग ऐसे कार्य को करने पर कितना धैर्य रखने वाले हैं, जो उनके लिए जहन्नम में प्रवेश करने का कारण बनता है, मानो कि वे उसमें पाई जाने वाली यातना की परवाह नहीं करते हैं, इस कारण उसपर धैर्य से काम ले रहे हैं।
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