सूरह 2 · जुज़ 2
Al-Baqarah · 2:151
كَمَا أَرْسَلْنَا فِيكُمْ رَسُولًا مِنْكُمْ يَتْلُو عَلَيْكُمْ آيَاتِنَا وَيُزَكِّيكُمْ وَيُعَلِّمُكُمُ الْكِتَابَ وَالْحِكْمَةَ وَيُعَلِّمُكُمْ مَا لَمْ تَكُونُوا تَعْلَمُونَ
जिस प्रकार हमने तुम्हारे लिए तुम्हीं में से एक रसूल भेजा, जो तुम्हें हमारी आयतें सुनाता तथा तुम्हें शुध्द आज्ञाकारी बनाता है और तुम्हें पुस्तक (कुर्आन) तथा ह़िक्मत (सुन्नत) सिखाता है तथा तुम्हें वो बातें सिखाता है, जो तुम नहीं जानते थे।
तफ़सीर
इसी तरह हमने तुम्हें एक और नेमत प्रदान की; कि हमने तुम्हारी ओर तुम्हारे बीच से एक रसूल भेजा, जो तुम्हें हमारी आयतें पढ़कर सुनाता है, तुम्हें अच्छाइयों तथा भली बात का आदेश देकर और घृणित चीज़ों तथा बुरी बात से मनाही करके पवित्र करता है, तथा तुम्हें क़ुरआन और सुन्नत सिखाता है और तुम्हें तुम्हारे धर्म एवं संसार के मामलों के बारे में ऐसी बातें सिखाता है, जो तुम नहीं जानते थे।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें