सूरह 19 · जुज़ 16

Maryam · 19:90

تَكَادُ السَّمَاوَاتُ يَتَفَطَّرْنَ مِنْهُ وَتَنْشَقُّ الْأَرْضُ وَتَخِرُّ الْجِبَالُ هَدًّا

समीप है कि इस कथन के कारण आकाश फट पड़े तथा धरती चिर जाये और गिर जायेँ पर्वत कण-कण होकर।

तफ़सीर

निकट है कि इस घृणित बात के कारण आकाश टूट पड़ें, धरती फट जाए और पहाड़ ध्वस्त होकर गिर जाएँ।

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