सूरह 19 · जुज़ 16
Maryam · 19:75
قُلْ مَنْ كَانَ فِي الضَّلَالَةِ فَلْيَمْدُدْ لَهُ الرَّحْمَٰنُ مَدًّا ۚ حَتَّىٰ إِذَا رَأَوْا مَا يُوعَدُونَ إِمَّا الْعَذَابَ وَإِمَّا السَّاعَةَ فَسَيَعْلَمُونَ مَنْ هُوَ شَرٌّ مَكَانًا وَأَضْعَفُ جُنْدًا
(हे नबी!) आप कह दें कि जो कुपथ में ग्रस्त होता है, अत्यंत कृपाशील उसे अधिक अवसर देता है। यहाँ तक कि जब उसे देख लें, जिसका वचन दिये जाते हैं; या तो यातना को अथवा प्रलय को, उस समय उन्हें ज्ञान हो जायेगा कि किसकी दशा बुरी और किसका जत्था अधिक निर्बल है।
तफ़सीर
(ऐ रसूल!) आप कह दें : जो गुमराही में भटक रहा है, 'रहमान' उसे ढील देगा, ताकि वह गुमराही में और बढ़ जाए। यहाँ तक कि जब वे उस चीज़ को देख लेंगे जिसका उनसे वादा किया जाता है; इस दुनिया में जल्दी मिलने वाली या क़ियामत के दिन स्थगित कर दी गई यातना, तो उस समय उन्हें पता चल जाएगा कि कौन बुरे स्थान वाला और सबसे कम सहायक वाला है, यह उनका समूह है या मोमिनों का समूह?
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