सूरह 19 · जुज़ 16
Maryam · 19:45
يَا أَبَتِ إِنِّي أَخَافُ أَنْ يَمَسَّكَ عَذَابٌ مِنَ الرَّحْمَٰنِ فَتَكُونَ لِلشَّيْطَانِ وَلِيًّا
हे मेरे पिता! वास्तव में, मुझे भय हो रहा है कि आपको अत्यंत कृपाशील की कोई यातना आ लगे, तो आप शैतान के मित्र हो जायेंगे[1]।
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1. अर्थात अब मैं आप को संबोधित नहीं करूँगा।
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1. अर्थात अब मैं आप को संबोधित नहीं करूँगा।
तफ़सीर
ऐ मेरे पिता! यदि इसी अविश्वास की अवस्था में आपकी मृत्यु हो गई, तो मुझे भय है कि कहीं आपको रहमान की ओर से कोई यातना न पहुँचे, फिर आप शैतान की दोस्ती के कारण यातना में उसके साथी बन जाएँ।
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