सूरह 18 · जुज़ 16

Al-Kahf · 18:98

قَالَ هَٰذَا رَحْمَةٌ مِنْ رَبِّي ۖ فَإِذَا جَاءَ وَعْدُ رَبِّي جَعَلَهُ دَكَّاءَ ۖ وَكَانَ وَعْدُ رَبِّي حَقًّا

उस (ज़ुलक़रनैन) ने कहाः ये मेरे पालनहार की दया है। फिर जब मेरे पालनहार का वचन[1] आयेगा, तो वह इसे खण्ड-खण्ड कर देगा और मेरे पालनहार का वचन सत्य है।
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1. वचन से अभिप्राय प्रलय के आने का समय है। जैसी कि सह़ीह़ बुख़ारी ह़दीस संख्याः3346 आदि में आता है कि क़्यामत आने के समीप याजूज-माजूज वह दीवार तोड़ कर निकलेंगे, और धरती में उपद्रव मचा देंगे।

तफ़सीर

ज़ुल-क़रनैन ने कहा : यह बाँध मेरे रब की ओर से एक दया है, जो याजूज और माजूज को धरती में उपद्रव मचाने से रोकने का काम करेगा। फिर जब वह समय आ जाएगा, जिसे अल्लाह ने क़ियामत से पहले उनके निकलने के लिए निर्धारित कर रखा है, तो अल्लाह उसे ध्वस्त कर देगा। तथा उसे ध्वस्त करके ज़मीन के बराबर करने और याजूज एवं माजूज के निकलने से संबंधित अल्लाह का वादा अटल है, जिसका उल्लंघन नहीं हो सकता।

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