सूरह 18 · जुज़ 15
Al-Kahf · 18:63
قَالَ أَرَأَيْتَ إِذْ أَوَيْنَا إِلَى الصَّخْرَةِ فَإِنِّي نَسِيتُ الْحُوتَ وَمَا أَنْسَانِيهُ إِلَّا الشَّيْطَانُ أَنْ أَذْكُرَهُ ۚ وَاتَّخَذَ سَبِيلَهُ فِي الْبَحْرِ عَجَبًا
उसने कहाः क्या आपने देखा? जब हमने उस शिला खण्ड के पास शरण ली थी, तो मैं मछली भूल गया और मुझे उसे शैतान ही ने भुला दिया कि मैं उसकी चर्चा करूँ और उसने अपनी राह सागर में अनोखे तरीक़े से बना ली।
तफ़सीर
युवक ने कहा : क्या आपने देखा कि जब हम चट्टान के पास ठहरे थे तब क्या हुआ था?! वास्तव में, मैं आपसे मछली की बात का उल्लेख करना भूल गया था। और मुझे आपसे उसका उल्लेख करना शैतान ही ने भुलाया था। हुआ यह कि मछली ज़िंदा हो गई और उसने आश्चर्यजनक रूप से समुद्र में अपना रास्ता बना लिया।
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