सूरह 18 · जुज़ 15
Al-Kahf · 18:47
وَيَوْمَ نُسَيِّرُ الْجِبَالَ وَتَرَى الْأَرْضَ بَارِزَةً وَحَشَرْنَاهُمْ فَلَمْ نُغَادِرْ مِنْهُمْ أَحَدًا
तथा जिस दिन हम पर्वतों को चलायेंगे तथा तुम धरती को खुला चटेल[1] देखोगे और हम उन्हें एकत्र कर देंगे, फिर उनमें से किसी को नहीं छोड़ेंगे।
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1. अर्थात न उस में कोई चिन्ह होगा न छुपने का स्थान।
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1. अर्थात न उस में कोई चिन्ह होगा न छुपने का स्थान।
तफ़सीर
और उस दिन को याद करो, जब हम पर्वतों को उनके स्थानों से हटा देंगे। और तुम धरती को साफ़ और खुला मैदान देखोगे, क्योंकि उस पर उपस्थित पहाड़, पेड़ और इमारत सब गायब हो जाएँगे। और हम सभी प्राणियों को इकट्ठा कर लेंगे। चुनाँचे हम उनमें से किसी को भी नहीं छोड़ेंगे, जिसे हमने पुनर्जीवित करके उठाया न हो।
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