सूरह 17 · जुज़ 15
Al-Isra · 17:37
وَلَا تَمْشِ فِي الْأَرْضِ مَرَحًا ۖ إِنَّكَ لَنْ تَخْرِقَ الْأَرْضَ وَلَنْ تَبْلُغَ الْجِبَالَ طُولًا
और धरती में अकड़कर न चलो, वास्तव में, न तुम धरती को फाड़ सकोगे और न लम्बाई में पर्वतों तक पहुँच सकोगे।
तफ़सीर
तथा धरती पर घमंड करते और इतराते हुए मत चलो। यदि तुम उसपर अकड़ कर चलोगे, तो तुम अपनी चाल से कभी न धरती को फाड़ सकोगे, और न ही तुम्हारा क़द कभी पहाड़ों की लंबाई और ऊँचाई तक पहुँचेगा। तो फिर घमंड क्यों?!
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