सूरह 17 · जुज़ 15
Al-Isra · 17:3
ذُرِّيَّةَ مَنْ حَمَلْنَا مَعَ نُوحٍ ۚ إِنَّهُ كَانَ عَبْدًا شَكُورًا
हे उनकी संतति जिन्हें हमने नूह़ के साथ (नौका) में सवार किया। वास्तव में, वह अति कृतज्ञ[1] भक्त था।
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1. अतः हे सर्व मानव तुम भी अल्लाह के उपकार के अभारी बनो।
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1. अतः हे सर्व मानव तुम भी अल्लाह के उपकार के अभारी बनो।
तफ़सीर
तुम उन लोगों की संतान हो, जिन्हें हमने नूह अलैहिस्सलाम के साथ पानी के तूफान में डूबने से बचाया था। अतः तुम इस नेमत को याद रखो और अकेले अल्लाह की इबादत और उसका आज्ञापालन करके, उसका शुक्रिया अदा करो। तथा इस संबंध में नूह अलैहिस्सलाम का अनुसरण करो, क्योंकि वह अल्लाह तआला का बहुत ज़्यादा शुक्रिया अदा करने वाले थे।
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