सूरह 17 · जुज़ 15
Al-Isra · 17:13
وَكُلَّ إِنْسَانٍ أَلْزَمْنَاهُ طَائِرَهُ فِي عُنُقِهِ ۖ وَنُخْرِجُ لَهُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ كِتَابًا يَلْقَاهُ مَنْشُورًا
और प्रत्येक मनुष्य के कर्मपत्र को हमने उसके गले का हार बना दिया है और हम उसके लिए प्रलय के दिन एक कर्मलेख निकालेंगे, जिसे वह खुला हुआ पायेगा।
तफ़सीर
और हमने हर इनसान के कर्म को उससे ऐसे ही संबद्ध कर दिया है, जैसे हार गले से लगा रहता है। जब तक उसका हिसाब नहीं हो जाता, तब तक वह (कर्म) उससे अलग नहीं होगा। तथा क़ियामत के दिन हम उसके लिए एक पुस्तक निकालेंगे जिसमें उसके सारे अच्छे और बुरे कार्य दर्ज होंगे। वह उसे अपने सामने खुली हुई पाएगा।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें