सूरह 14 · जुज़ 13
Ibrahim · 14:48
يَوْمَ تُبَدَّلُ الْأَرْضُ غَيْرَ الْأَرْضِ وَالسَّمَاوَاتُ ۖ وَبَرَزُوا لِلَّهِ الْوَاحِدِ الْقَهَّارِ
जिस दिन ये धरती दूसरी धरती से तथा आकाश बदल दिये जायेंगे और सब अल्लाह के समक्ष[1] उपस्थित होंगे, जो अकेला प्रभुत्वशाली है।
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1. अर्थात अपनी क़ब्रों (समाधियों) से निकल कर।
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1. अर्थात अपनी क़ब्रों (समाधियों) से निकल कर।
तफ़सीर
काफ़िरों से यह बदला क़ियामत के दिन लिया जाएगा, जिस दिन इस धरती को एक अन्य शुद्ध सफेद धरती से बदल दिया जाएगा, और आसमानों को दूसरे आसमानों से बदल दिया जाएगा। और लोग अपनी क़ब्रों से अपने शरीर और कर्मों के साथ प्रकट होंगे, उस अल्लाह के सामने खड़े होने के लिए, जो अपने राज्य और अपनी महिमा में अकेला है, ऐसा प्रभुत्वशाली है, जो सबको पराजित करता है और उसे पराजित नहीं किया जा सकता, तथा सब पर उसका प्रभुत्व है और उसपर किसी का प्रभुत्व नहीं हो सकता।
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