सूरह 13 · जुज़ 13

Ar-Ra'd · 13:34

لَهُمْ عَذَابٌ فِي الْحَيَاةِ الدُّنْيَا ۖ وَلَعَذَابُ الْآخِرَةِ أَشَقُّ ۖ وَمَا لَهُمْ مِنَ اللَّهِ مِنْ وَاقٍ

उन्हींके लिए यातना है सांसारिक जीवन में। और निःसंदेह परलोक की यातना अधिक कड़ी है और उन्हें अल्लाह से कोई बचाने वाला नहीं।

तफ़सीर

इस सांसारिक जीवन ही में उनके लिए यातना है कि उन्हें मोमिनों के हाथों क़त्ल एवं क़ैद का सामना करना पड़ेगा। जबकि आख़िरत की यातना जो उनकी प्रतीक्षा कर रही है, उनके लिए दुनिया की यातना से अधिक कठोर और भारी है। क्योंकि उसमें तीव्रता और निर्बाध स्थायित्व होगा। और उन्हें क़ियामत के दिन अल्लाह की यातना से कोई बचाने वाला भी न होगा।

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Ar-Ra'd 13:34 · Tlawati